दिलो को दिलो से मिला कर के देखो–हिंदी कविता

नफरत से सिचा है तुमने खुद को  प्रेम की बीज लगा कर के देखो कभी दिलो को दिलो से मिला कर के देखो I   नफरत की आग में बिखरी दुनिया को प्रेम की धागे से मिला कर के देखो कभी प्रेम की धरा बहा कर के देखो I   ईर्ष्या के अंधकार को छोड़ … Continue reading दिलो को दिलो से मिला कर के देखो–हिंदी कविता